राजस्थान में रेत के अवैध कारोबार को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसमें 'रेत के सोने' के नाम से मशहूर बजरी के खेल में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगे हैं। खबरों के मुताबिक, इस गोरखधंधे में स्थानीय विधायक के एक करीबी का नाम प्रमुखता से उछल रहा है, जिस पर अवैध वसूली और संगठित अपराध के गंभीर आरोप हैं।
इस मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। आरोप है कि बजरी माफियाओं को संरक्षण देने के लिए एक व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसके जरिए मोटी रकम की उगाही की जा रही थी। इस खुलासे के बाद अब कई रसूखदार लोगों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।
जांच की आंच अब पुलिस महकमे तक भी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि एक IPS अधिकारी भी इस पूरे मामले में रडार पर हैं। उन पर माफियाओं के साथ मिलीभगत और कानून की अनदेखी करने का आरोप है, जिससे राज्य की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग उठ रही है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच की अपील की है। देखना यह होगा कि इस 'रेत के काले खेल' में शामिल सफेदपोशों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सरकार क्या सख्त कदम उठाती है।