सिरोही जिले में नए कलेक्टर के पदभार ग्रहण करते ही प्रशासनिक मशीनरी में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कार्यभार संभालते ही सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया और कामकाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अपने निरीक्षण के दौरान, उन्होंने फाइलों के निपटान की प्रक्रिया और लंबित मामलों की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है, जिसे लेकर उन्होंने अधीनस्थों को सख्त चेतावनी दी है।
कलेक्टर ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने मैदानी स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लें और उनके निवारण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। इस कार्यशैली से जिले के प्रशासन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
सिरोही के नए प्रशासनिक प्रमुख के इस 'एक्शन मोड' को लेकर आम जनता में उम्मीदें जगी हैं। आने वाले दिनों में और भी कई बड़े प्रशासनिक सुधारों और बदलावों की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन अब पूर्णतः विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।