राजस्थान में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों और प्रभावी निगरानी के चलते अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर काफी हद तक रोक लगाने में सफलता मिली है। इस सख्ती का सीधा असर सरकारी खजाने पर भी देखने को मिल रहा है।
आबकारी विभाग द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई के कारण राज्य के राजस्व में भारी उछाल दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के परिणामस्वरूप राजस्व की वसूली में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इस दिशा में डूंगरपुर जिला प्रदेश में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा है। डूंगरपुर ने राजस्व संग्रहण के मामले में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले के आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त रणनीति और सक्रियता ने इसे राज्य भर में एक मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।
राज्य सरकार अब इसी तर्ज पर अन्य जिलों में भी अभियान को और अधिक गति देने की योजना बना रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी शराब माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि न केवल राजस्व में वृद्धि जारी रहे, बल्कि अवैध शराब से होने वाले सामाजिक नुकसान को भी पूरी तरह समाप्त किया जा सके।