राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में शासन प्रणाली में पारदर्शिता और त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने सीधे 181 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया और वहां स्वयं फोन उठाकर आम जनता की समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री को फोन की दूसरी तरफ देखकर शिकायतकर्ता भी काफी हैरान और उत्साहित नजर आए।
इस दौरान सीएम ने न केवल शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना, बल्कि मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कदम से सरकारी मशीनरी में सक्रियता बढ़ी है।
हेल्पलाइन पर फोन उठाते समय मुख्यमंत्री ने अपना परिचय 'मैं भजनलाल बोल रहा हूं' कहकर दिया, जिसने कॉल करने वालों का भरोसा सरकार के प्रति और मजबूत कर दिया। तत्काल प्रभाव से कई समस्याओं का समाधान होने के बाद आम नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद जनता की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
इस प्रयोग के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में जनता की सुनवाई और समाधान के लिए ऐसी और भी पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को पेंडिंग न छोड़ा जाए और हर कॉल का जवाब संतोषजनक होना चाहिए।