राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राज्य में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 'एग्रीटेक मीट' की सौगात दी है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और राज्य में कृषि उत्पादों के निर्यात को नई दिशा प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
दूसरी ओर, राजस्थान भाजपा एसटी मोर्चा ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस नई टीम के गठन के साथ ही संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। आगामी चुनावों और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए इस बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस नई कार्यकारिणी के नामों को लेकर खासी चर्चा है। अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी मोर्चा में जगह दी गई है, ताकि राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में पार्टी की पैठ को और गहरा किया जा सके। कार्यकर्ताओं में इस बदलाव के बाद नए उत्साह का संचार देखने को मिल रहा है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में एक तरफ जहां विकास और तकनीकी विकास पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दल भी अपने संगठन को दुरुस्त करने में जुटे हैं। आने वाले समय में ये दोनों ही गतिविधियां राज्य की दिशा और दशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।