पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'इंतजार शास्त्र, चैप्टर 12' शीर्षक से एक नया पोस्ट जारी किया है, जिसमें उन्होंने प्रदेश की वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जनता अब शासन के फैसलों का इंतजार कर रही है, लेकिन सरकार समाधान निकालने में विफल रही है।
गहलोत ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक चर्चा और संवाद से पूरी तरह घबरा रही है। उनका तर्क है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधानसभा के भीतर या बाहर कोई भी सार्थक बातचीत नहीं हो रही है, जो लोकतंत्र के स्वस्थ होने का संकेत नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से उठाए जा रहे कदम जनहित में नहीं बल्कि केवल अपनी छवि सुधारने तक सीमित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इसी तरह संवादहीनता की स्थिति बनाए रखेगी, तो जनता का विश्वास और अधिक कम हो जाएगा।
इस राजनीतिक बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखी जा रही है। विपक्षी दल के रूप में गहलोत लगातार सरकार को घेरे हुए हैं और आने वाले समय में वे इसे और तेज करने की तैयारी में हैं। राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस 'इंतजार शास्त्र' की चर्चा जोरों पर है।