राजस्थान के समस्त सरकारी विद्यालयों में आज से नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ हो रहा है। राज्य भर के स्कूलों में छात्रों के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शिक्षकों द्वारा प्रवेशोत्सव के माध्यम से बच्चों का उत्साहवर्धन किया जा रहा है। सरकार का मुख्य जोर नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने पर है।
शैक्षणिक सत्र के साथ ही राज्य में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने जलापूर्ति के समय में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब पेयजल की आपूर्ति सुबह जल्दी और देर शाम को की जाएगी ताकि लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को जलापूर्ति लाइनों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय तापमान की स्थिति का आकलन करें और आवश्यकता पड़ने पर स्कूल के समय में उचित फेरबदल करें ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
आम जनता से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और पानी का दुरुपयोग न करें। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जलापूर्ति में होने वाले किसी भी व्यवधान की सूचना तुरंत संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर दी जाए। राज्य सरकार इस दौरान निर्बाध सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है।