जयपुर पुलिस ने एक ऐसे साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जिसने पूरे देश में अपनी हरकतों से खलबली मचा दी थी। आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाकर 1000 से भी अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजे थे। इन संदेशों ने आम जनता के बीच भारी दहशत पैदा कर दी थी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं।
पुलिस की कड़ी मशक्कत और तकनीकी सर्विलांस के बाद आरोपी को ट्रेस किया गया और उसे धर दबोचा गया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन और अन्य डार्क वेब तकनीकों का सहारा लिया था। उसने बड़ी चतुराई से इन संदेशों को वायरल करने की साजिश रची थी ताकि कानून-व्यवस्था को चुनौती दी जा सके।
इस गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इन अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया था। वर्तमान में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है या फिर वह किसी अन्य गिरोह से जुड़ा है।
यह घटना साइबर सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चेतावनी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर प्राप्त किसी भी धमकी भरे संदेश की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।