राजस्थान की राजनीति में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस बिल के समर्थन और विपक्ष के रुख पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक है, जो महिलाओं को समाज में उनका सही स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
शेखावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आज महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए इस बिल को लटकाए रखा। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, मोदी सरकार की मंशा साफ है और यह बिल महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस ने इस पर पलटवार करते हुए कहा है कि यह बिल केवल चुनाव से पहले का एक दिखावा है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि इसमें ओबीसी महिलाओं के आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे इसके प्रभाव पर सवाल उठ रहे हैं। राज्य में इस मुद्दे पर विभिन्न मंचों से बयानबाजी का दौर जारी है।
आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह मुद्दा राजस्थान की सियासत में और भी गर्माने के आसार हैं। जनता के बीच इस बिल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाता इस बार के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।