राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वर्तमान सरकार के मंत्रियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में गहलोत द्वारा सरकार की योजनाओं को बंद करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री बैरवा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की किसी भी जनकल्याणकारी योजना को बंद नहीं किया है।
बैरवा ने कांग्रेस पार्टी पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्ष अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए आधारहीन बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उन योजनाओं की समीक्षा कर रही है जिनमें खामियां थीं, ताकि उन्हें और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
राज्य में चल रहे इस राजनीतिक विवाद के कारण आम जनता में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनाव से पहले यह बयानबाजी और अधिक आक्रामक हो सकती है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होगा।
बैरवा ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वे उन योजनाओं की सूची जारी करें जिन्हें बंद किया गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पर क्या जवाब देती है और क्या यह विवाद और गहराता है।