राजस्थान की राजनीति में इन दिनों परिवारवाद को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी के लगातार हमलों का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए हैं, बल्कि वह अपने बलबूते पर संघर्ष कर रहा है।
गहलोत ने कहा कि बीजेपी का यह आरोप निराधार है कि उन्होंने अपने परिवार को राजनीति में स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस में हमेशा कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाता है और उनके बेटे ने भी पार्टी के एक सामान्य सदस्य की तरह काम किया है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे विकास के मुद्दों पर बात करें न कि व्यक्तिगत आक्षेपों पर।
पूर्व सीएम ने यह भी याद दिलाया कि राजनीति में कई परिवार दशकों से सक्रिय हैं और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीति में आता है, तो उसे अपनी योग्यता साबित करनी होती है, और उनके बेटे ने भी वही रास्ता अपनाया है। गहलोत का यह बयान राज्य की राजनीति में काफी हलचल पैदा कर रहा है।
अंत में, अशोक गहलोत ने बीजेपी की विचारधारा पर प्रहार करते हुए कहा कि वे अनावश्यक विवाद खड़ा करके जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर और सिद्धांतों का बचाव करते हुए आगे भी जनसेवा में लगे रहने का संकल्प जताया है।